गोरखपुर। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान ने पूरे प्रदेश में पौरोहित्य, योग, ज्योतिष एवं वास्तु व संस्कृत संभाषण का त्रैमासिक डिप्लोमा कोर्स शुरू किया है। इसमें गोरखपुर मंडल भी शामिल है। इनके केंद्र खोलने की तैयारी चल रही है। जनवरी के दूसरे सप्ताह से ये कोर्स शुरू हो सकते हैं। इन कोर्सों के लिए डॉ. जोखन पांडेय शास्त्री को गोरखपुर मंडल का संयोजक बनाया गया है।
सिर्फ पंजीकरण का देना होगा शुल्क
सभी कोर्स निश्शुल्क हैं। मात्र पंजीकरण शुल्क एक बार 200 रुपये देना होगा। इन विषयों के त्रैमासिक कोर्स में कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है। पौरोहित्य कोर्स में आम आदमी शामिल होकर दैनिक पूजा विधि, हवन, संस्कार को संपन्न कराने का ज्ञान प्राप्त कर सकता है। ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र से भविष्य के बारे में उसकी समझ विकसित होगी और योग से वह स्वस्थ रहेगा। प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने गांव-मोहल्ले में वह लोगों को योग करा सकता है।
यहां बनाए गए केंद्र
ज्योतिष व वास्तु का कोर्स पूरे मंडल में केवल एक जगह गोरखपुर के गोरखपुर विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में शुरू किया जाएगा। गोरखपुर में पौरोहित्य व संस्कृत संभाषण का केंद्र श्रीगोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ, गोरखनाथ को बनाया गया है। योग केंद्र का गोरखपुर में बीआरडी पब्लिक स्कूल भाटी, बिहार, राजेंद्रनगर में रविवार को शुभारंभ कर दिया गया। अन्य जिलों में योग का केंद्र अभी तय नहीं हो सका है, लेकिन पौरोहित्य व संस्कृत संभाषण के केंद्र तय कर दिए गए हैं। कुशीनगर में पंचायती संस्कृत पाठशाला, पडरौना, महराजगंज में सरस्वती शिशु मंदिर पिपरदेउरा व देवरिया में धर्म संजीवन संस्कृत महाविद्यालय, जलकल रोड को पौरोहित्य व संस्कृत संभाषण का केंद्र बनाया गया है। इन कोर्सों का समय कोर्स में शामिल लोगों की सहमति से तय किया जाएगा। एक दिन कोर्स तीन घंटे का होगा, डेढ़ घंटा सुबह व डेढ़ घंटा शाम।
योग केंद्र शुरू, बाकी जनवरी के दूसरे सप्ताह से
गोरखपुर मंडल के संयोजक डॉ. जोखन पांडेय शास्त्री ने कहा कि गोरखपुर में योग केंद्र शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही पूरे मंडल में शेष सभी विषयों के केंद्र जनवरी के दूसरे सप्ताह तक शुरू कर दिए जाएंगे। ज्यादातर विषयों के केंद्र निर्धारित हो गए हैं।